जलगांव, 15 मई 2026 – वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक परिस्थितियों, पॉलिमर की बढ़ती कीमतों और बाजार में अनिश्चितता के बावजूद Jain Irrigation Systems Limited ने वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक Anil Jain ने जानकारी देते हुए बताया कि कंपनी ने राजस्व, EBITDA और नकद प्रवाह (कैश जनरेशन) में उल्लेखनीय वृद्धि हासिल की है। जैन हिल्स में आयोजित निदेशक मंडल की बैठक के बाद चौथी तिमाही के नतीजों की घोषणा की गई।
कंपनी के अनुसार, हाई-टेक और एग्रो प्रोसेसिंग विभागों के बेहतर प्रदर्शन के चलते चौथी तिमाही में एकीकृत राजस्व में सालाना आधार पर 4.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद कंपनी ने 233 करोड़ रुपये की नकद राशि उत्पन्न की, जो EBITDA का लगभग 97 प्रतिशत बताई जा रही है।
पूरे वित्तीय वर्ष 2026 की बात करें तो कंपनी ने एकीकृत राजस्व में दो अंकों की वृद्धि हासिल की है। इस दौरान कंपनी का एकीकृत EBITDA बढ़कर 809 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 12.8 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) के प्रभावी प्रबंधन के जरिए अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत किया है। इसी के चलते कंपनी को 619 करोड़ रुपये की नकद राशि उत्पन्न करने में सफलता मिली, जो EBITDA का करीब 76 प्रतिशत है।
कंपनी के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अनिल जैन ने कहा कि कंपनी बदलती वैश्विक परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। कच्चे माल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर इसके प्रभाव की संभावना को ध्यान में रखते हुए कंपनी भविष्य की रणनीति तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि भारतीय मौसम विभाग द्वारा इस वर्ष सामान्य से कमजोर मानसून का अनुमान जताया गया है, लेकिन सरकार की नीतियों में निरंतरता, सिंचाई और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में बढ़ते निवेश के कारण बाजार में मांग बढ़ने की उम्मीद है।
अनिल जैन ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में कंपनी का मुख्य फोकस राजस्व वृद्धि, परियोजनाओं से बकाया वसूली में सुधार और टिकाऊ मुक्त नकद प्रवाह (सस्टेनेबल फ्री कैश फ्लो) तैयार करने पर रहेगा।