पुणे में आषाढ़ी वारी के दौरान लाखों वारकरियों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री सहायता निधि एवं धर्मादाय अस्पताल सहायता कक्ष की ओर से इस वर्ष भी 'चरण सेवा' अभियान का व्यापक आयोजन किया गया है।
योजना के तहत पुणे शहर में 10 स्थानों तथा पालखी मार्ग पर 13 स्थानों पर विशेष चिकित्सा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यहां वारकरियों को पैरों की मालिश, फिजियोथेरेपी, प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस अभियान में डॉक्टर, फिजियोथेरेपिस्ट, नर्स, पैरामेडिकल कर्मचारी, मेडिकल छात्र और स्वयंसेवक मिलाकर 12 हजार से अधिक लोग सेवा देंगे। वारकरियों के पैरों की थकान दूर करने के लिए लगभग 3,000 लीटर औषधीय आयुर्वेदिक तेल का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा आठ स्वास्थ्य जागरूकता रथों के माध्यम से स्वच्छता, सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं, संक्रामक एवं वर्षाकालीन बीमारियों से बचाव तथा स्वस्थ जीवनशैली का संदेश भी दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री सहायता निधि कक्ष, मुंबई के कक्ष प्रमुख रामेश्वर नाईक ने कहा,
"पिछले वर्ष 'चरण सेवा' अभियान को वारकरियों का अभूतपूर्व प्रतिसाद मिला। इसके माध्यम से 1 लाख 75 हजार से अधिक वारकरियों को प्रत्यक्ष चरण सेवा, स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधा मिली, जबकि 10 लाख से अधिक नागरिकों तक स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश पहुंचा। इस वर्ष आठ स्वास्थ्य जागरूकता रथों के जरिए इस अभियान को और अधिक व्यापक स्वरूप में लागू किया जाएगा।"

मुख्यमंत्री सहायता निधि कक्ष, पुणे के समन्वयक डॉ. मानसिंह साबले ने कहा,
"'भक्ति विठोबा की... सेवा स्वास्थ्य की' इस संकल्पना पर आधारित 'चरण सेवा' अभियान के माध्यम से वारकरी परंपरा की सेवा भावना को आधुनिक चिकित्सा सेवाओं से जोड़ा गया है।"