दिल्ली के जंतर-मंतर में छात्रों के आंदोलन पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में महाराष्ट्र के जलगांव में दो अलग-अलग संगठनों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
पहला ज्ञापन नितीन भिमराव अहीरे की ओर से दिया गया, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई। साथ ही NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में मृत छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता, आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग उठाई गई।
वहीं समता सैनिक दल ने भी अलग से ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, छात्रों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की।
दोनों संगठनों ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्र सरकार को भेज दिया गया है।
