महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में 'एनालॉग पनीर' के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि नकली पनीर अक्सर मिलावट और धोखाधड़ी का पर्याय बन चुका है। 'एनालॉग पनीर' को वास्तविक दूध के ठोस पदार्थों के बजाय वनस्पति तेल, स्टार्च, और अन्य सिंथेटिक पदार्थों का उपयोग करके तैयार किया जाता है, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके नियमित सेवन से पाचन संबंधी समस्याएं, एलर्जी और अन्य दीर्घकालिक स्वास्थ्य जटिलताएँ हो सकती हैं।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने उपभोक्ताओं को असली और नकली पनीर के बीच अंतर करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। असली पनीर आमतौर पर नरम, दानेदार और हल्का पीला होता है, जिसे गर्म करने पर वह आसानी से पिघल जाता है। इसके विपरीत, एनालॉग पनीर अक्सर रबर जैसा, चिकना और दृढ़ होता है, और गर्म करने पर वह टूटता नहीं बल्कि और सख्त हो जाता है। उबलते पानी में डालने पर भी असली पनीर बिखर सकता है, जबकि नकली अपनी बनावट बनाए रखता है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध उत्पाद की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।
इंडिया आपतक न्यूज़
KADWA LEKIN SACH
