महाराष्ट्र के जळगाव जिले के मोहाडी में 31 जुलाई 2026 को हुई 26 वर्षीय राधेशाम हरचंद राठोड की मौत के मामले में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा सामने आने का दावा किया गया है।
शुरुआत में राधेशाम की मौत को आत्महत्या मानते हुए एम.आई.डी.सी. पुलिस थाने में आकस्मिक मृत्यु यानी AD दर्ज की गई थी। हालांकि, जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस को इस मामले में संदेह हुआ और गहन पूछताछ में कथित तौर पर आत्महत्या का पूरा मामला फर्जी पाए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, राधेशाम को शराब की लत थी और वह कथित तौर पर नशे में अपने माता-पिता और भाई के साथ मारपीट करता था। परिवार उसके व्यवहार से परेशान था। आरोप है कि इसी परेशानी के चलते उसकी मां, पिता और भाई ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची।
आरोप के मुताबिक, 31 जुलाई को राधेशाम को रस्सी से फंदा देकर उसकी हत्या कर दी गई और बाद में हत्या में इस्तेमाल रस्सी को जला दिया गया, ताकि सबूत नष्ट किए जा सकें। इसके बाद घटना को आत्महत्या का रूप देकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया गया।
जांच में कथित रूप से सच्चाई सामने आने के बाद एम.आई.डी.सी. पुलिस थाने में गुन्हा रजि. नं. 709/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238 और 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
इस मामले में पुलिस ने राधेशाम की मां मीराबाई हरसिंग राठोड, पिता हरसिंग उर्फ हरचंद नथ्यु राठोड और भाई सचिन हरसिंग राठोड, सभी निवासी मोहाडी, जळगाव, को गिरफ्तार किया है।
मामले की आगे की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।