मुंबई, 28 अक्टूबर 2026: महाराष्ट्र में आदिवासी, वनाधिकार धारक किसानों और वंचित वर्गों की मांगों को लेकर लोक संघर्ष मोर्चा के आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ हुई चर्चा में आठ प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख सामने आया है। हालांकि, मांगों पर ठोस शासन निर्णय जारी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई है।
लोक संघर्ष मोर्चा की नेता प्रतिभा शिंदे ने कहा है कि यदि दिवाली से पहले संबंधित शासन निर्णय जारी नहीं किए गए, तो कम से कम 50 हजार आदिवासी किसानों के साथ मुंबई की ओर कूच किया जाएगा।
मोर्चा की ओर से 12 अक्टूबर से धरना आंदोलन किया जा रहा है। इसी सिलसिले में 28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ लगभग 30 मिनट तक चर्चा हुई। इस दौरान मंत्री गिरीश महाजन और मंत्री गुलाबराव पाटील भी संबंधित मुद्दों पर चर्चा में शामिल रहे।
इन आठ मांगों पर हुई चर्चा

1. पात्र वनाधिकार धारकों को सूखा राहत का लाभ देना।
2. सरदार सरोवर परियोजना से संबंधित वन भूमि के मामलों में पात्र आदिवासियों को न्याय दिलाना।
3. आदिवासी आबादी वाले पात्र गांवों को आदिवासी उपयोजना क्षेत्र में शामिल करना।
4. वनाधिकार दावों की दोबारा जांच कर वास्तविक हकदारों को न्याय देना।
5. वनाधिकार धारकों को सहकारी संस्थाओं की सदस्यता मिलने में आने वाली बाधाएं दूर करना।
6. ई-केवाईसी के कारण लाडकी बहिण योजना से वंचित पात्र महिलाओं को दोबारा लाभ का अवसर देना।
7. एग्रीस्टैक पंजीकरण की समस्याएं दूर कर पात्र किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना।
8 .जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए जरूरतमंद आदिवासी नागरिकों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना।

आश्वासन नहीं, शासन निर्णय चाहिए: प्रतिभा शिंदे

लोक संघर्ष मोर्चा का कहना है कि मुख्यमंत्री के साथ सकारात्मक चर्चा होना महत्वपूर्ण है, लेकिन इन मांगों का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब संबंधित विभाग स्पष्ट शासन निर्णय जारी करके उन्हें लागू करेंगे।
प्रतिभा शिंदे ने चेतावनी दी कि आदिवासी किसानों और वनाधिकार धारकों को उनके कानूनी अधिकारों से वंचित नहीं रखा जा सकता। यदि दिवाली से पहले मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुए, तो बड़े पैमाने पर मुंबई में आंदोलन किया जाएगा।
अब निगाहें महाराष्ट्र सरकार की अगली कार्रवाई पर हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आठों मांगों पर कब तक शासन निर्णय जारी होते हैं और पात्र लाभार्थियों को उनका लाभ कब मिलता है।