महाराष्ट्र के जलगांव के मेहरून क्षेत्र में खेल एवं युवा सेवा विभाग द्वारा राष्ट्रीय स्तर का अत्याधुनिक स्पोर्ट्स स्टेडियम बनाया जा रहा है। परियोजना का कार्यादेश वर्ष 2025 में जारी हुआ और लक्ष्य वर्ष 2028 तक निर्माण पूरा करने का है। प्रस्तावित स्टेडियम में क्रिकेट, फुटबॉल, एथलेटिक्स सहित कई इंडोर और आउटडोर खेलों की आधुनिक सुविधाएं विकसित की जानी हैं।

लेकिन ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि निर्माण स्थल तक पहुंचने के लिए आज भी उचित सड़क उपलब्ध नहीं है। स्थानीय लोगों को भी स्टेडियम का सही स्थान पता नहीं था और निर्माण स्थल तक पहुंचने में हमारी टीम को तीन दिन का समय लगा। मौके पर निर्माण कार्य जारी मिला, लेकिन मुख्य रूप से जमीन समतल करने और पहाड़ काटने का काम चल रहा था।

निर्माण से जुड़े लोगों का कहना है कि सड़क, पानी और पर्याप्त बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण निर्माण सामग्री पहुंचाने में कठिनाई हो रही है। कई बार खेतों के रास्ते से आवागमन करना पड़ता है, जिससे स्थानीय विवाद भी उत्पन्न होते हैं और काम प्रभावित होता है।

इस परियोजना को लेकर अब कई सवाल उठ रहे हैं। जब निर्माण स्थल तक पहुंचने के लिए सड़क ही नहीं थी, तो परियोजना को मंजूरी कैसे मिली? क्या पहले मूलभूत सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए थीं? इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि स्टेडियम के आसपास की जमीनों की खरीद-फरोख्त में बड़े निवेश हुए हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इन पहलुओं की जांच और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।