मेहरुण स्थित श्री संत ज्ञानेश्वर प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से "टाकाऊ से टिकाऊ" विषय पर एक प्रेरणादायी गतिविधि का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों ने अनुपयोगी प्लास्टिक की बोतलों का पुनः उपयोग कर आकर्षक पुष्प-कुंडियां तैयार कीं।
विद्यार्थियों ने विभिन्न रंगों, कलात्मक सजावट तथा अपनी नवीन कल्पनाओं के माध्यम से बेकार पड़ी प्लास्टिक की बोतलों को सुंदर स्वरूप प्रदान किया। इस गतिविधि से विद्यार्थियों में पुनः उपयोग का महत्व, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता तथा सृजनात्मक प्रतिभा का विकास हुआ।
यह गतिविधि उज्ज्वला नन्नवरे के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुकेश नाईक ने विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण के लिए वस्तुओं के पुनः उपयोग की आदत अपनानी चाहिए।
इस अवसर पर पर्यवेक्षिका शीतल कोळी ने विद्यार्थियों को ऐसे रचनात्मक प्रयासों के माध्यम से प्रकृति और पर्यावरण के प्रति सजग रहने की प्रेरणा दी। विद्यालय के शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों की कलाकृतियों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
