महाराष्ट्र के जलगांव जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी पोर्टल पर अपलोड किए गए नागरिकों के दस्तावेज़ कथित रूप से लीक होने का मामला उजागर हुआ है। इस घटना ने राज्य की ई-गवर्नेंस प्रणाली और डेटा सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरकार की आधिकारिक सेवा वेबसाइट ‘आपले सरकार’ पर नागरिकों द्वारा अपलोड किए गए शैक्षणिक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज़ संदिग्ध परिस्थितियों में अन्य लोगों तक पहुंच गए। यह मामला तब सामने आया जब एक छात्रा खुशी गुप्ता ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जलगांव साइबर पुलिस ने जांच शुरू की।
बताया जा रहा है कि आरटीआई कार्यकर्ता दीपककुमार गुमा ने 26 फरवरी 2026 को अपने बच्चे के नॉन-क्रिमिनल सर्टिफिकेट के लिए जरूरी दस्तावेज़ पोर्टल पर अपलोड किए थे। लेकिन कुछ ही दिनों में उन्हें तहसीलदार के नाम से एक संदिग्ध ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर लगभग 50 हजार रुपये की ठगी का आरोप लगाया गया।
जांच में सामने आया कि 26 फरवरी की रात को अपलोड किए गए दस्तावेज़ अगले ही दिन ‘शैलेन्द्र सपकाले’ नाम के व्यक्ति तक पहुंच गए, ऐसे भी आरोप लगे है । इस घटनाक्रम ने यह आशंका पैदा कर दी है कि पोर्टल की सुरक्षा प्रणाली में बड़ी खामी हो सकती है या फिर किसी अंदरूनी स्तर पर डेटा लीक हुआ है।
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि नागरिकों की संवेदनशील जानकारी जैसे शैक्षणिक प्रमाणपत्र और व्यक्तिगत दस्तावेज़ गलत हाथों में जा सकते हैं, जिससे धोखाधड़ी और साइबर अपराध की संभावना बढ़ जाती है।
साइबर पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और यह जांच की जा रही है कि डेटा लीक तकनीकी खामी के कारण हुआ या किसी की जानबूझकर की गई साजिश का हिस्सा है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए ‘आपले सरकार’ पोर्टल का उपयोग कर रही है, लेकिन पहले भी इस पोर्टल में तकनीकी समस्याओं और सीमित सेवाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं।