जलगांव, 20 अप्रैल 2026 – महाराष्ट्र के जलगांव जिले में प्रशासनिक सक्रियता का एक अहम उदाहरण सोमवार को देखने को मिला, जब जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी करिश्मा नायर ने अचानक जलगांव तालुका के कानळदा गांव का दौरा किया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला परिषद स्कूल, आंगनवाड़ी और ग्राम पंचायत कार्यालय का जायजा लिया।
अपने पद का कार्यभार संभालने के बाद करिश्मा नायर लगातार जिले के विभिन्न विभागों की जमीनी हकीकत समझने के लिए औचक निरीक्षण कर रही हैं। इसी क्रम में कानळदा गांव में उनके इस दौरे ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली को परखने का मौका दिया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ग्रामीणों को समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए, इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही अधिकारियों को दवाइयों की उपलब्धता, स्वच्छता, कर्मचारियों की उपस्थिति और मरीजों की देखभाल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने जिला परिषद स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र का दौरा किया, जहां बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने पोषण आहार, शैक्षणिक सामग्री और परिसर की स्वच्छता का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
ग्राम पंचायत कार्यालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने सरपंच, ग्रामसेवक और कर्मचारियों के साथ बैठक कर विभिन्न सरकारी योजनाओं की समीक्षा की। कार्यालय के रिकॉर्ड, दस्तावेज और प्रशासनिक कामकाज की जांच करते हुए उन्होंने ग्राम विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
इस अचानक निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों में कार्य के प्रति गंभीरता और सतर्कता का माहौल देखने को मिला है। जिला परिषद प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि नागरिकों को बेहतर और प्रभावी सेवाएं प्रदान करने के लिए कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
