जलगांव, 21 मई 2026 – महाराष्ट्र में बढ़ते जल संकट और आने वाले मानसून को ध्यान में रखते हुए जलगांव जिला परिषद ने सिंचन परियोजनाओं की गति तेज कर दी है। इसी कड़ी में गुरुवार 21 मई को जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी Karishma Nair करिश्मा नायर ने धरणगांव तालुका के विभिन्न सिंचन प्रकल्पों और बंधारों का दौरा कर कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि काम की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही या समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिला परिषद के जलसंधारण विभाग द्वारा पूरे जिले में सूक्ष्म सिंचन और जल संरक्षण से जुड़े कार्य बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे हैं। वर्तमान में जिले में कुल 345 सिंचन कार्य मंजूर किए गए हैं, जिनमें से 289 कार्यों को कार्यारंभ आदेश जारी किए जा चुके हैं। वहीं 105 कार्य पूरे भी हो चुके हैं। प्रशासन का लक्ष्य 15 जून 2026 तक सभी 289 कार्यों को पूर्ण करने का है।
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद लगभग 3600 हेक्टेयर क्षेत्र प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सिंचन के दायरे में आने की उम्मीद है। ग्रामीण इलाकों में नालों और छोटे जलस्रोतों पर बंधारे बनाकर पानी रोकने और भूजल स्तर बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।
सीईओ करिश्मा नायर ने धरणगांव तालुका के झुरखेडे, शेरी, बांभोरी, सोनवद, पाळधी, जांभोर और पिंप्री खु क्षेत्रों में चल रहे सिंचन प्रकल्पों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और संबंधित विभाग के कर्मचारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य समय सीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
दौरे के दौरान उन्होंने झुरखेडे स्थित आरोग्य उपकेंद्र और आंगनवाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। इसके अलावा सोनवद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की भी समीक्षा की।
