जलगांव, 22 मई 2026 – बोदवड पुलिस स्टेशन में गंभीर लापरवाही और कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने के आरोपों के बाद तीन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई क्षेत्र में हुए एक हत्या प्रकरण के बाद की गई, जिसमें समय रहते प्रतिबंधात्मक कार्रवाई न करने का आरोप संबंधित अधिकारियों पर लगाया गया है।
निलंबित किए गए अधिकारियों में सपोनि (API) दिपक सुरवडकर, एएसआई रविंद्र गुरचल और हेड कॉन्स्टेबल नंदकिशोर धनके शामिल हैं। विभागीय जांच में सामने आया कि बोदवड पुलिस स्टेशन में दर्ज एक गंभीर विवाद और दोनों पक्षों के बीच लगातार बढ़ते तनाव को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया, जिसके चलते हालात बिगड़ते चले गए और अंततः हत्या जैसी गंभीर घटना घटित हो गई।
जानकारी के अनुसार, हेड कॉन्स्टेबल नंदकिशोर धनके को दोनों पक्षों के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। आरोप है कि उन्होंने मामले की गंभीरता को नजरअंदाज करते हुए न तो उचित जांच की और न ही किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की। इसके कारण दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ता रहा।
वहीं एएसआई रविंद्र गुरचल, जो बोदवड शहर के टाऊन बिट प्रभारी थे, उन्हें भी स्थिति को संभालने में लापरवाही बरतने का दोषी माना गया है। 19 मई 2026 को दोनों पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिलने के बाद वे घटनास्थल पर पहुंचे थे, लेकिन दोनों पक्षों को केवल पुलिस स्टेशन लाकर बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। जांच में कहा गया है कि यदि उसी समय सख्त प्रतिबंधात्मक कदम उठाए जाते तो आगे की गंभीर घटना टाली जा सकती थी।
प्रभारी अधिकारी सपोनि दिपक सुरवडकर पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्हें फोन और व्हॉट्सऐप के माध्यम से विवाद की पूरी जानकारी दी गई थी। स्थानीय नगरसेवक ने भी संवेदनशील स्थिति से अवगत कराया था, बावजूद इसके उन्होंने न तो खुद कोई कार्रवाई की और न ही अधीनस्थ कर्मचारियों को तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। इतना ही नहीं, वरिष्ठ अधिकारियों और कंट्रोल रूम को भी समय पर सूचना नहीं दी गई।
विभागीय रिपोर्ट में कहा गया है कि तीनों अधिकारियों की निष्क्रियता और लापरवाही के कारण क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी और अंततः हत्या जैसी गंभीर वारदात सामने आई। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
