जलगांव जिले के धरणगांव तहसील के रेल गांव में 12 वर्षीय गणेश नवल पाटील की संदिग्ध मौत के मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। गणेश की मौत को लेकर उसके पिता नवल पाटील ने शुरुआत से ही संदेह जताया था और दावा किया था कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि किसी घातपात का परिणाम हो सकती है। इसी आधार पर पुलिस ने मामले की दोबारा जांच शुरू की है।
जांच के तहत बुधवार को फॉरेन्सिक विशेषज्ञों की टीम, पुलिस अधिकारियों तथा धरणगांव तहसीलदार महेंद्र सूर्यवंशी की मौजूदगी में गांव के समीप नदी किनारे दफनाए गए गणेश के शव को करीब ढाई महीने बाद बाहर निकाला गया। प्रशासन की निगरानी में पूरी प्रक्रिया इन-कैमरा संपन्न की गई।
इस दौरान अपने इकलौते बेटे के अवशेषों को देखकर पिता नवल पाटील भावुक हो गए। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के लिए भी यह दृश्य बेहद मार्मिक था। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और फॉरेन्सिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
शव को आगे की जांच और पोस्टमार्टम के लिए धुले स्थित हिरे शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल भेजा गया है। अब पूरे मामले की सच्चाई पोस्टमार्टम और फॉरेन्सिक जांच रिपोर्ट के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पूरे जलगांव जिले की नजर इस मामले पर टिकी हुई है और लोग जानना चाहते हैं कि आखिर गणेश की मौत के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी।
