बैठक की अध्यक्षता जिला पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धीवरे ने की। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, चिंताओं और अपेक्षाओं को विस्तार से सुना। चर्चा के दौरान अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा, संपत्ति विवाद, पारिवारिक समस्याएं, स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियां तथा सार्वजनिक सेवाओं का लाभ लेने में आने वाली कठिनाइयों जैसे विषय प्रमुख रूप से सामने आए।

बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए वरिष्ठ नागरिकों को विशेष मार्गदर्शन भी दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने फर्जी बैंक कॉल, केवाईसी अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी, ओटीपी और यूपीआई फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, नकली निवेश योजनाएं, सोशल मीडिया पर फैलाए जाने वाले फर्जी संदेश और ऑनलाइन खरीदारी में होने वाली ठगी के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

अधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस अथवा साइबर हेल्पलाइन को दें।

बैठक में घरफोड़ियों, चोरी, संपत्ति से जुड़ी धोखाधड़ी, घरेलू सहायकों और केयरटेकर की पुलिस सत्यापन प्रक्रिया तथा पड़ोसियों और स्थानीय पुलिस के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने के महत्व पर भी चर्चा की गई।

अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धीवरे ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनकी सुरक्षा, सम्मान तथा कल्याण जलगांव पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करने के लिए पुलिस हरसंभव प्रयास करेगी।

बैठक में शामिल वरिष्ठ नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि पुलिस के साथ सीधे संवाद का अवसर मिलने से वे अपनी समस्याएं और सुझाव खुलकर रख सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।