जलगांव जिले के चालीसगांव में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सामाजिक वनीकरण विभाग के वनपाल प्यारेलाल विठ्ठल महाजन (53) को ₹7,500 की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, मौजे तरवाडे शिवार के एक किसान ने अपने खेत में चंदन वृक्षारोपण एवं संवर्धन के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत आवेदन किया था। योजना के अंतर्गत किसान को तीन वर्षों के लिए कुल ₹4.50 लाख का सरकारी अनुदान स्वीकृत किया गया था।
किसान द्वारा मजदूरों के भुगतान के लिए ₹50,000 का बिल सामाजिक वनीकरण विभाग में प्रस्तुत किया गया। आरोप है कि बिल पास कर राशि खाते में जमा कराने के बदले वनपाल प्यारेलाल महाजन ने बिल की राशि का 15 प्रतिशत यानी ₹7,500 रिश्वत की मांग की।
किसान ने इसकी शिकायत नासिक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से की। शिकायत की पुष्टि के बाद 24 जून 2026 को ACB ने चालीसगांव में जाल बिछाया। पंच गवाहों की मौजूदगी में जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, ACB की टीम ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी के खिलाफ चालीसगांव शहर पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
यह कार्रवाई पुलिस निरीक्षक नेहा सूर्यवंशी (ACB नासिक) के नेतृत्व में की गई, जबकि जांच की जिम्मेदारी पुलिस निरीक्षक हेमंत नागरे (ACB जलगांव) को सौंपी गई है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक भारत तांगड़े, अपर पुलिस अधीक्षक माधव रेड्डी तथा सुनील दोरगे के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
ACB ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी किसी काम के बदले रिश्वत या कमीशन की मांग करता है तो तत्काल टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 अथवा जलगांव ACB के व्हाट्सएप नंबर 7578661064 पर शिकायत दर्ज कराएं।
