महाराष्ट्र के जलगांव से आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर 4 हजार से अधिक वारकरी विशेष ट्रेन के माध्यम से पंढरपुर स्थित श्री विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर के दर्शन के लिए रवाना हुए। इस भव्य आयोजन की पहल राज्य के जलापूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री तथा जलगांव के पालकमंत्री गुलाबराव पाटिल ने की।
जी.एस. ग्राउंड से रेलवे स्टेशन तक निकली विशाल पालखी-दिंडी में हजारों श्रद्धालुओं ने टाल, मृदंग, अभंग और हरिनाम संकीर्तन के साथ भाग लिया। पूरा मार्ग भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। मंत्री गुलाबराव पाटिल स्वयं टाल बजाते हुए वारकरियों के साथ दिंडी में शामिल हुए और रेलवे स्टेशन पर विशेष ट्रेन के प्रत्येक डिब्बे में जाकर श्रद्धालुओं का हालचाल भी जाना।
इस अवसर पर गुलाबराव पाटिल ने कहा कि, "वारकरी के आशीर्वाद से बड़ी कोई दौलत नहीं है और वारी ही मेरे जीवन का सबसे बड़ा पुण्य है। पिछले पांच वर्षों से हजारों श्रद्धालुओं को पंढरपुर दर्शन कराने का सौभाग्य मुझे मिला है।"
यात्रा के दौरान प्रत्येक डिब्बे में डॉक्टर, स्वयंसेवक, प्राथमिक उपचार किट, पेयजल, चाय-नाश्ता और भोजन की व्यवस्था की गई। पंढरपुर में श्रद्धालुओं के लिए ठहरने, महाप्रसाद, चंद्रभागा स्नान, विठ्ठल-रुक्मिणी दर्शन, हरिकीर्तन और वापसी यात्रा की भी पूरी व्यवस्था की गई है।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री गुलाबराव पाटिल ने "विठू माऊली तू माऊली जगाची..." भक्ति गीत भी प्रस्तुत किया, जिस पर हजारों वारकरियों ने "विठ्ठल... विठ्ठल..." के जयघोष के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।
