गुजरात में एक युवक ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से पुलिस अधिकारियों के साथ अपनी फर्जी तस्वीरें तैयार कीं और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। इन तस्वीरों के माध्यम से वह लोगों के बीच अपना प्रभाव और दबदबा दिखाना चाहता था, ताकि ऐसा लगे कि उसकी पुलिस अधिकारियों से गहरी पहचान है।
बताया जा रहा है कि युवक इन तस्वीरों का उपयोग अपनी झूठी छवि बनाने और लोगों को प्रभावित करने के लिए कर रहा था। मामला तब सामने आया जब गुजरात पुलिस की नजर इन पोस्टों पर पड़ी। जांच के दौरान पता चला कि तस्वीरें वास्तविक नहीं थीं, बल्कि AI तकनीक से बनाई गई थीं।
इसके बाद पुलिस ने युवक से पूछताछ की और उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि AI तकनीक का दुरुपयोग कर फर्जी तस्वीरें या भ्रामक सामग्री सोशल मीडिया पर साझा न करें, क्योंकि ऐसा करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
