महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के शहादा स्थित समाज कल्याण विभाग के वसतीगृह में भोजन करने के बाद 40 विद्यार्थियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार डाळ-भात, शेवगा की सब्जी और चपाती खाने के करीब 15 मिनट बाद छात्रों को उल्टी, दस्त और मिचली की शिकायत होने लगी। सभी प्रभावित विद्यार्थियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
ताजा जानकारी के अनुसार 25 विद्यार्थियों को अस्पताल में भर्ती किया गया, जिनमें 20 छात्र शहादा ग्रामीण अस्पताल में उपचाराधीन हैं, जबकि 5 विद्यार्थियों को ऑक्सीजन और ब्लड प्रेशर की समस्या के कारण ICU में रखा गया था। राहत की बात यह है कि अब सभी विद्यार्थियों की हालत स्थिर बताई जा रही है और अधिकांश को जल्द छुट्टी मिल सकती है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मिथाली सेठी अस्पताल पहुंचीं और पूरे मामले की समीक्षा की। प्रशासन ने भोजन और उल्टी के नमूने लैब जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों, वार्डन और संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी तथा लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी।
प्रशासन ने विद्यार्थियों के परिजनों के रहने और भोजन की भी व्यवस्था की है। साथ ही अगले दो महीनों तक समाज कल्याण विभाग के सभी छात्रावासों की विशेष समीक्षा, अतिरिक्त फंड उपलब्ध कराने और हर 15 दिन में जिलाधिकारी स्तर पर मॉनिटरिंग करने का निर्णय लिया गया है।
फिलहाल सभी विद्यार्थियों की स्थिति स्थिर है, जबकि लैब रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे फूड पॉइजनिंग के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
