महाराष्ट्र में इस समय मानसून की दो अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिल रही हैं। एक ओर मुंबई, पुणे, रायगढ़ और नासिक सहित कई क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित है, वहीं दूसरी ओर खानदेश के जलगांव, धुले और नंदुरबार जैसे इलाकों में अपेक्षित बारिश नहीं होने से चिंता बढ़ रही है। राज्य के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा के बावजूद पश्चिमी और दक्षिणी भारत में मानसून के कमजोर पड़ने की संभावना जताई गई है।

जलगांव शहर में बारिश की कमी का असर शहर की पहचान माने जाने वाले मेहरून तालाब पर भी दिखाई देने लगा है। स्थानीय स्तर पर जलस्तर कम होने की चर्चा है और लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने से तालाब फिर से भर जाएगा। वहीं भारतीय मौसम विभाग के हालिया पूर्वानुमान में जलगांव के लिए केवल हल्की बारिश और सामान्य रूप से बादल छाए रहने की संभावना बताई गई है।

देशभर में भी मानसून फिलहाल एक कमजोर दौर से गुजर रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, पूरे भारत में वर्षा का कुल घाटा फिर बढ़ा है और अगले कुछ दिनों तक पश्चिमी भारत में वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना जताई गई है। इसका असर कृषि और जलस्रोतों पर पड़ सकता है।