जैन हिल्स में आयोजित ‘फ्यूचर एग्रीकल्चर लीडर्स ऑफ इंडिया’ (FALI) के दूसरे चरण के पहले दिन छात्रों और प्रगतिशील किसानों के बीच प्रेरणादायी संवाद का आयोजन किया गया। इस दौरान किसानों ने कहा कि बदलते मौसम, बढ़ती लागत और बाजार की अनिश्चितताओं जैसी चुनौतियों के बावजूद आधुनिक तकनीक, सही योजना और नवाचारों के माध्यम से खेती को लाभदायक और टिकाऊ बनाया जा सकता है। किसानों का मानना है कि यदि वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया जाए तो खेती उद्योग और नौकरी से भी बेहतर विकल्प बन सकती है।
कार्यक्रम के दौरान शिरपुर की प्रगतिशील किसान स्वप्नाताई राजू चौधरी ने बताया कि नई तकनीक और मेहनत के समन्वय से खेती आज भी लाभकारी व्यवसाय साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने नौकरीपेशा जीवन की अपेक्षा किसान परिवार को प्राथमिकता दी और कृषि क्षेत्र में संतोषजनक अनुभव प्राप्त किए।
जामनेर तालुका के भागदरा गांव के युवा किसान अभिजीत विकास शेळके ने छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने नौकरी की बजाय परिवार के साथ रहकर खेती को अपनाना अधिक उचित समझा। उन्होंने कृषि क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों और संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
प्रयोगशील किसान पद्माकर जगन्नाथ पाटील ने अपने खेत में पपीता, केला और अन्य फलोत्पादन फसलों के सफल प्रयोगों की जानकारी दी। वहीं नशिराबाद के युवा किसान यश चंद्रकांत चौधरी ने बताया कि कृषि स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने खेती को ही अपना करियर बनाया। उन्होंने आधुनिक तकनीकों और उन्नत सिंचाई प्रणालियों की मदद से अनार की खेती में उल्लेखनीय उत्पादन प्राप्त किया है। साथ ही उन्होंने टिश्यू कल्चर केले और सोयाबीन की खेती के अनुभव भी छात्रों के साथ साझा किए।
कार्यक्रम में विभिन्न कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी छात्रों से संवाद किया और अपने अनुभवों के माध्यम से कृषि व्यवसाय की नई संभावनाओं से अवगत कराया।
इससे पहले सुबह के सत्र में छात्रों और कृषि शिक्षकों ने जैन हिल्स के विभिन्न प्रकल्पों का दौरा किया। उन्होंने कृषि अनुसंधान केंद्र, ड्रिप सिंचाई प्रदर्शन, अल्ट्रा हाई डेंसिटी प्लांटेशन, फ्यूचर फार्मिंग, एयर आलू तथा टिश्यू कल्चर परियोजनाओं का अवलोकन किया। हाईटेक प्लांट फैक्ट्री में टिश्यू कल्चर पौधों के उत्पादन की प्रक्रिया देखकर छात्र काफी प्रभावित हुए।
इस उपक्रम को जैन इरिगेशन, गोदरेज एग्रोवेट, यूपीएल, आईटीसी, स्टारएग्री, प्रॉम्प्ट डेयरीटेक और एसबीआई फाउंडेशन जैसी अग्रणी संस्थाओं का सहयोग प्राप्त हो रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर के कृषि विद्यार्थियों को आधुनिक खेती, कृषि उद्यमिता और भविष्य की कृषि तकनीकों से जोड़ना है।