जलवायु परिवर्तन और मानव निर्मित आपदाओं के कारण खेती लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही है, लेकिन आधुनिक तकनीक और नवाचारों की मदद से कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव संभव है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए ‘फ्यूचर एग्रीकल्चर लीडर्स ऑफ इंडिया’ (FALI) आधुनिक कृषि क्षेत्र का एक मजबूत “पावर हाउस” बनकर उभर रहा है। यह विचार जैन हिल्स में आयोजित फाली के 12वें वार्षिक अधिवेशन के अंतिम चरण के दौरान किसानों, कृषि उद्यमियों और छात्रों के बीच हुए संवाद में सामने आया।
अधिवेशन के दौरान विद्यार्थियों ने जैन हाईटेक प्लांट फैक्ट्री और टिश्यू कल्चर लैब का दौरा कर उन्नत पौध उत्पादन तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही जैन फार्म फ्रेश फूड के प्याज निर्जलीकरण एवं आम प्रसंस्करण प्रकल्पों का भी अवलोकन किया, जहां कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण उद्योग की कार्यप्रणाली को समझा गया।
विद्यार्थियों ने गांधी रिसर्च फाउंडेशन के “खोज गांधीजी की” ऑडियो-गाइडेड संग्रहालय का भ्रमण कर महात्मा गांधी के विचारों को भी आत्मसात किया। इसके अलावा भविष्य की खेती मानी जा रही मिट्टी रहित कृषि प्रणाली ‘फ्यूचर फार्मिंग’ और हाइड्रोपोनिक खेती का प्रत्यक्ष अनुभव भी लिया।
इसके बाद आयोजित समूह चर्चा में किसानों, कृषि विशेषज्ञों और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। चर्चा में कार्बन क्रेडिट खेती, कृषि में महिलाओं की भूमिका, ड्रिप सिंचाई के माध्यम से जल संरक्षण, टिश्यू कल्चर तकनीक द्वारा निर्यात योग्य उत्पादन, कृषि प्रसंस्करण उद्योग, पोल्ट्री व्यवसाय, ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम में किसानों नारायण पाचपांडे, उमाकांत भारंबे, सागर पाटील, पंकज घाटे, भागवत बाजीराव पाटील, विशाल पाटील और कृष्णा पाटील सहित कई कृषि विशेषज्ञों ने भाग लिया। वहीं गौरी त्रिपाठी, श्रुति चौहान, सिद्धी गावकर, शिवा देवसाकर, सेजल पाटील और प्राजक्ता भार्गव समेत फाली के विद्यार्थियों ने खेती की चुनौतियों, अवसरों और आवश्यक नेतृत्व कौशलों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
इस संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों को समझने और भविष्य के कृषि नेतृत्व के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने का अवसर मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक, नवाचार और युवा नेतृत्व के बल पर भारत का कृषि क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छू सकता है और विकसित भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।