जलगांव जिले और रावेर लोकसभा क्षेत्र के केला उत्पादक किसानों को इस वर्ष आंधी, बारिश और मौसम में बदलाव के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ा है। प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द फसल बीमा का मुआवजा दिलाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय के संबंधित अधिकारियों और एआईसी (एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में फसल बीमा से जुड़ी तकनीकी त्रुटियों, नाम की गलतियों और कम दर्ज भूमि क्षेत्र जैसी समस्याओं को तत्काल सुधारने के निर्देश दिए गए। किसानों को सटीक लाभ मिल सके, इसके लिए स्थानीय स्तर पर मौसम केंद्रों (वेदर स्टेशन) की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा खरीफ और रबी दोनों मौसमों की फसल को बीमा योजना में शामिल करने की मांग रखी गई, ताकि किसानों को दोहरा सुरक्षा कवच मिल सके। केला फसल के साथ-साथ जलगांव जिले की पपीता फसल को भी फसल बीमा योजना में शामिल करने पर सकारात्मक चर्चा हुई।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि फसल बीमा दावों की मंजूरी प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और प्रत्येक पात्र किसान को उसकी हक की राशि बिना किसी देरी के उपलब्ध कराई जाए। सरकार ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे और अंतिम पात्र किसान तक सहायता पहुंचने तक यह अभियान चलता रहेगा।
